श्रीजगन्नाथ मंदिर और नीलमाधव की पौराणिक गाथा: एक विस्तृत वृत्तांत

श्रीक्षेत्र की महिमा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में चार धामों का विशेष महत्व है, जिनमें से एक ‘श्रीक्षेत्र’ (पुरी) को साक्षात वैकुंठ माना गया है। यह वह स्थान है जहाँ भगवान विष्णु अपनी लीलाओं को विराम देकर भोजन करते हैं। श्रीक्षेत्र की प्रतिष्ठा के विषय में संस्कृत के ब्रह्म पुराण, नारद पुराण, स्कंद पुराण … Read more

श्री पुरुषोत्तम जगन्नाथ: प्राचीनता, इतिहास और सांस्कृतिक समन्वय

Shree Jagannath

प्रस्तावना भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के आकाश में भगवान श्री जगन्नाथ एक ऐसे दैदीप्यमान नक्षत्र हैं, जिनकी चमक युगों-युगों से अक्षुण्ण बनी हुई है। ओडिशा के पुरी क्षेत्र में स्थित ‘श्रीमंदिर’ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि मानवता, समन्वय और अटूट आस्था का जीवंत प्रतीक है। प्राप्त शिलालेखों, पुराणों और ऐतिहासिक शोधों से यह स्पष्ट … Read more

श्रीपुरुषोत्तम-जगन्नाथ: ऐतिहासिक, पौराणिक एवं दार्शनिक तत्व

प्रस्तावना: श्रीक्षेत्र की महिमा भारत की पावन धरती पर चार मुख्य धामों का विशेष महत्व है, जिनमें से पूर्व दिशा में स्थित ‘श्रीपुरुषोत्तम क्षेत्र’ यानी पुरी धाम को कलियुग का सर्वश्रेष्ठ और पवित्रतम तीर्थ माना गया है। यहाँ साक्षात भगवान श्री विष्णु ‘जगन्नाथ’ के रूप में विराजमान हैं। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय … Read more